Sunday, June 14, 2026

अपनी बात

स्मार्ट फ़ोन से परिवार नियोजन…

अमेरिका न जाने कितने मोर्चों पर अलग-अलग युद्ध लड़ रहा है। कहीं वह रूस और यूक्रेन के युद्ध में परोक्ष रूप से जुड़ा है,...

ग़ज़ल एवं गीत

डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र के पाँच गीत

आकाशदीप जलता रहता सारी रात एक आस में मेरे आंगन का आकाशदीप। पीले अक्षत का दिन सो गया और धुआँ हो गया सिवान मौलसिरी की नन्ही डाल ने लहरों पर...

रेखा राजवंशी की दो ग़ज़लें

 ग़ज़ल अपनी मेहनत पे चल रहे हैं हम फिर क्यों लोगों को खल रहे हैं हम हो  गए  दूर  तेरी  दुनिया  से ख़ुद के रंगों में ढल रहे...

साक्षात्कार

कविता

डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र के पाँच गीत

आकाशदीप जलता रहता सारी रात एक आस में मेरे आंगन का आकाशदीप। पीले अक्षत का दिन सो गया और धुआँ हो गया सिवान मौलसिरी की नन्ही डाल ने लहरों पर...

व्यंग्य

फ़िल्म समीक्षा

सिनेमा का कविता पाठ है ‘छावा’

छावा फिल्म की समीक्षा क्यों की जाए पहला तो प्रश्न यही उठना चाहिए। ऐसी फिल्में समीक्षाओं से परे की होती हैं क्योंकि आम दर्शक...

कहानी

दीपक शर्मा की कहानी-सुभीता

मेरे लिए दरवाज़ा बहन ने खोला। “और कौन आया है?” अंदर के बरामदे में अपना सामान पटक कर मैं ने पूछा। “कोई नहीं। पापा ने किसी...

डॉ गरिमा संजय दुबे की कहानी-  लाल कफ़न 

सावधानी से बिना आवाज किए वो पेड़ पर चढ़कर देखना चाहता था, बचे खुचे जो थोड़े लोग थे उनका क्या करना है, लड़ाई लड़ते...

गजेंद्र रावत की कहानी-  कर्नल की बर्थ डे पार्टी

बाजार के किनारे की दुकान न जाने कैसे संभ्रांत और सफेद पोश शराबियों का अड्डा बन गई है। यहां दुकान के अलावा पीछे पूरा...

राजेंद्र राजन की कहानी – नज़रबन्द

पहाड़ की पीठ पर जब पौ फूटी तो मिनी को लगा अंधेरा शायद छंटने को है। कच्ची, कुहलायी सी धूप किसी कमसिन सी चहलकदमी...

डॉ अंजु वेद की कहानी- जीवनदान 

तुषार की कॉलोनी के मुख्य गेट पर एक अधमरा सा कुत्ता कोने में पड़ा था। कुत्ते की पीठ पर मक्खियाँ भिनभिना रही थी। उसके...

लघुकथा

विदेश से मायके पहुंची बेटी सुबह अपने बेटों की फरमाइश पूरी करने में जुटी है। श्रुति के पूछने पर नाश्ते में बच्चों ने ऑमलेट...

लेख

हलचल

पुस्तक