Sunday, August 9, 2026

अपनी बात

गिलास को हिंदी में क्या कहते हैं….

लबों के सामने ख़ाली गिलास रखते हैं समुंदरों से कहो हम भी प्यास रखते हैं। ....  फ़राग़ रोहवी बात जब गिलास की हो रही हो तो नज़र...

ग़ज़ल एवं गीत

हरकीरत हीर की तीन ग़ज़लें

1. सफ़र में छोड़कर हमको न यूँ तो हमसफ़र जाएँ, अधूरी ज़िंदगी कैसे कटेगी, हम किधर जाएँ। न यूँ भी रूठ के मुँह मोड़ के हमसे उधर...

ज्ञान प्रकाश विवेक – ग़ज़लें

1. जेब ख़ाली हो तो बाज़ार से डर लगता है घर में रहता हूं तो इतवार से डर लगता है। ये बनावट ये अदावत ये सियासत तेरी तेरे...

साक्षात्कार

कविता

गुरदीप सिंह सोहल की पांच रचनाएं  

(1) मेहनत का फल कब मिलेगा। इस बात का न इंतजार कर। धर्म कर्म करते ही जाना है। अपने प्रयास पे एतबार कर। लक्ष्य छोटा बड़ा नहीं होता। इस बात...

व्यंग्य

फ़िल्म समीक्षा

ठिठकी हुई ‘सतलुज’-फ़िल्म समीक्षा

 सुशील उपाध्याय फिल्म 'सतलुज' (पुराना नाम 'पंजाब 95')। जो लोग इसे नहीं देखना चाहते थे, अब वे भी इसे देखने का जुगाड़ लगा रहे...

कहानी

दीपक शर्मा की कहानी ‘काज- प्रयोजन’

यह उन दिनों की बात है जब मोबाइल फ़ोन प्रयोग में नहीं आए थे। सन उन्नीस सौ अठासी की। “मैं कस्बापुर से बोल रहा हूं,”...

डॉ. शिवानी कोहली आनंद की कहानी- उठाई हुई ज़िंदगी

दीये की फड़फड़ाती लौ मानो जीवन के अंतिम क्षणों का संकेत दे रही थी। तीव्र हवा के झोंकों से दीवार पर टंगा कैलेंडर समय...

डॉ वंदना शर्मा की कहानी: एनिवर्सरी एक नई शुरुआत

"सुनो! कल हमारी एनीवर्सरी है। क्या गिफ्ट दोगे मुझे।" खुशी ने चहकते हुए अपने पति से पूछा। उसके पति गर्वित को ऑफिस के लिए...

डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की कहानी-रवायत

अपनी तीनों अम्मियों में मँझली वाली के हाथों कबॉब और फिश कोफ्ते खाने में ही मुझे मज़ा आता है. मँझली अम्मी मतलब रुख़्साना अम्मी...

प्रेमचंद्र की कहानी मंत्र का नाट्य रूपांतरण-डॉ चंद्रशेखर तिवारी

 पात्र-परिचय 1. सूत्रधार : नाटक की भूमिका और सन्देश बताने के लिए। 2. डॉ. चड्ढा : एक प्रसिद्ध, घमण्डी और नियम-निष्ठ डॉक्टर। 3. बूढ़ा भगत : एक...

लघुकथा

सुइट में एंटर होते ही उसकी भव्यता ने मेरे भीतर के अभाव को कुछ इस तरह से कुचला जैसे सूखे उपवन में एकाएक बहार...

लेख

हलचल

पुस्तक